Thursday, November 12, 2009

परिवर्तन

किस करना अब आम हो गया...या ये कहें सरेआम हो गया.....एक वक्त था जब दो फूलों के मिलने से हम प्रेम मिलन की भाषा समझते थे...लेकिन वक्त बदला...और बदलते वक्त के साथ बदल गई प्यार की परिभाषा भी...और आज वक्त इतना बदल गया कि....चुम्बन के इलावा फिल्मों में कुछ और नजर नंही आता...हीरो बिना कारन ही अपनी टी शर्ट उतार देता है तो हिरोइन जितनी बड़ी फिल्म हो उतने छोटे कपड़ो में नजर आती है....ये कैसा परिवर्तन है....जिसमें बड़ परदा कपड़ो के साथ साथ अपनी शर्म भी उतारता जा रहा है.....

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